सेवकाई में मेरे प्रिय सहभागी,
इस वर्ष 2026 के लिए परमेश्वर ने जो वादा दिया है, वह 2 शमूएल 7:11 में लिखा है, जहाँ वह कहता है: "मैं तुम्हारा घर बनाऊँगा।" परमेश्वर ने दाऊद के परिवार एवं वंश को हमेशा के लिए स्थापित करने का वादा किया था, एक ऐसा वादा जो आज भी इजराइल में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इसी प्रकार, परमेश्वर हमें आश्वासन देते हैं कि वह हमारे परिवारों को दृढ़ता से स्थापित करेंगे, हमारे भविष्य को सुरक्षित करेंगे एवं भय व अनिश्चितता के बीच भी शांति प्रदान करेंगे। इस वर्ष हमारा जीवन एवं हमारा परिवार यीशु द्वारा व यीशु में निर्मित होगा।
इस वर्ष परमेश्वर हमारा घर कैसे बनायेंगे? परमेश्वर हमें अपने उस महल के समान बनायेंगे जो शाश्वत रूप से स्थापित रहेगा, जहाँ वह स्वयं निवास करेंगे, और उसे अपनी उपस्थिति, शांति एवं समृद्धि से परिपूर्ण बनायेंगे।
✨ यीशु को आधार बनाकर एक महल के रूप में निर्मित: मसीह ने अपना बहुमूल्य लहू बहाया, स्वर्ग में अपनी महिमा का त्याग किया, दुख सहा और मर गए, ताकि हमारे पाप दूर हो जाएं एवं हम एक ऐसे महिमामय महल में निर्मित हो सकें जो अटूट रहे। जैसे ही हम यीशु को अपनी पक्की नींव बनाते हैं, वह हमारे जीवन को ऊपर उठाएंगे और उसे दृढ़ बनाएंगे (1 कुरिन्थियों 3:11)
✨ इसे एक ऐसे महल के रूप में बनाया गया है जहाँ पवित्र आत्मा निवास करती है: यीशु आधार हैं, लेकिन हमें एक महल में बदलने वाले पवित्र आत्मा हैं। पवित्र आत्मा हमारी कमजोरी में हमारी सहायता करते हैं, हमारी रक्षा करते हैं, हमें मजबूत बनाते हैं एवं अपने निवास स्थान को पवित्र रखते हैं। परमेश्वर के वचन के द्वारा, हम जीवन प्राप्त करते हैं और जीवित पत्थरों के समान निर्मित होते हैं, एक ऐसा महल जिसमें यीशु निवास करते हैं। (इफिसियों 2:20 और 22, रोमियों 8:26, यशायाह 59:19, 1 कुरिन्थियों 14:15 और मरकुस 16:16-18)
✨ इसे शांति की बाड़ के साथ एक महल के रूप में बनाया गया था: हमें शैतान से, विरोधियों से या इस संसार के दबावों से डरने की आवश्यकता नहीं है। परमेश्वर ने हमारे चारों ओर अग्नि की दीवार एवं शांति की बाड़ बनाई है, जो यीशु हैं। शांति पवित्रता उत्पन्न करती है और पवित्रता के माध्यम से हम परमेश्वर को देखते हैं। (भजन संहिता 147:14, रोमियों 16:20, अय्यूब 1:10 एवं इब्रानियों 12:14)
✨ इसे सर्वोत्तम सुविधाओं से युक्त महल के रूप में निर्मित किया गया है: यीशु धनी थे, लेकिन वे हमारे लिए गरीब हो गए, ताकि उनकी गरीबी के द्वारा हम धनी हो सकें। जब परमेश्वर हमें महल बनाते हैं, तो हमें ऐसी आशीषें मिलती हैं जो हमें उनके लोगों और उनके राज्य के लिए आशीष का स्रोत बनाती हैं। (भजन संहिता 81:16, 2 शमूएल 6:11, 2 शमूएल 7:29, 2 कुरिन्थियों 8:9, 9:8)
हे प्रेममय पिता, मेरे जीवन की नींव बनिए, पवित्र आत्मा के द्वारा मुझे अपने महल में परिवर्तित कीजिए एवं अपने वचन के द्वारा मुझे सजीव पत्थरों में ढालिए। मेरे जीवन को ईश्वरीय सुरक्षा से घेर लीजिए और अपनी आशीषों से मुझे भरपूर जीवन का आनंद लेने में सहायता कीजिए। यीशु के पवित्र नाम में, आमीन।
बहुत प्रेम व प्रार्थनाओं सहित,
आपका प्रिय भाई,
डॉ. पॉल दिनाकरन
मुख्य परिचालन अधिकारी की ओर से
🌟 2025 में प्रभाव – आपके माध्यम से
2025 पर विचार करते हुए, हम यीशु बुलाता है सेवकाई में परमेश्वर की निष्ठा एवं इस पूरी यात्रा में आपके साथ के लिए कृतज्ञता से भर जाते हैं। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आप जैसे सहभागियों के उदार समर्थन से इस वर्ष पूरे भारत में 2.4 करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
प्रार्थना भवन सेवकाई: भारत भर में स्थित 104 प्रार्थना केंद्रों के माध्यम से, प्रार्थना मध्यस्थों ने प्रार्थना केंद्रों पर आने वाले 19,07,500 लोगों की सेवा की। प्रार्थना केंद्रों पर आयोजित 43,000 से अधिक कार्यक्रमों के माध्यम से 15.7 लाख लोगों तक प्रार्थना की गई। 10.21 लाख लोगों को मुफ्त प्रार्थना तेल वितरित किया गया। जीसस कॉल्स के कर्मचारियों के साथ, इस वर्ष अकेले लगभग 20,157 स्वयंसेवकों ने इन सभी सेवाओं को संभव बनाया।
पत्र एवं ईमेल सेवकाई: डॉ. पॉल दिनाकरन एवं उनके परिवार ने कर्मचारियों के साथ मिलकर ईमेल व पत्रों के माध्यम से प्राप्त 7 लाख प्रार्थना निवेदनों के लिए प्रार्थना की और परमेश्वर के वचन और आश्वासन के साथ जवाब दिया।
टेलीफोन सेवकाई: हमारे प्रार्थना मध्यस्थों के द्वारा 13 भाषाओं में 46 लाख प्रार्थना अनुरोधों के लिए प्रार्थनाएँ की गयी; 5,86,309 सहभागियों को उनके जन्मदिन एवं विवाह वर्षगांठ के दिन परमेश्वर का वादा एवं विशेष प्रार्थनाएं प्राप्त हुईं।
सोशल मीडिया सेवकाई: आध्यात्मिक संदेशों, गीतों, लाइव कार्यक्रमों, लघु फिल्मों, वाद-विवादों, टॉक शो एवं दैनिक प्रतिज्ञा के माध्यम से इस वर्ष हम 18 करोड़ लोगों तक पहुंचे हैं। इनमें गीतों के माध्यम से 24 लाख लोग और डिजिटल मीडिया मंत्रालय के माध्यम से 21 मिलियन लोग शामिल हैं।
टेलीविजन सेवकाई: हमने सभी आयु वर्ग के लोगों को आशीष देने के लिए नए कार्यक्रम शुरू किए, जिनमें तमिल, हिंदी, तेलुगु, मलयालम व कन्नड़ भाषाओं में कई चैनलों पर 1,875 कार्यक्रम प्रसारित किए गए, जिनसे 14.4 मिलियन दर्शकों को लाभ हुआ और 'फैमिली चैनल' के माध्यम से लाखों लोगों को लाभ मिला।
चर्चों को सहायता: इस वर्ष 810 पादरियों को वित्तीय सहायता प्राप्त हुई एवं 23 नए चर्चों का निर्माण व नवीनीकृत किया गया।
🌟 जनवरी में सेवकाई
2026 – ‘प्रतिज्ञा गीत’: नव वर्ष की शुभकामनाओं के लिए हमने यूट्यूब पर तमिल, तेलुगु, हिंदी व कन्नड़ भाषाओं में 'प्रतिज्ञा गीत 2026' रिलीज किया है। कृपया इन गानों को सुनें एवं अपने प्रियजनों के साथ साझा करें।
- हिंदी में देखने के लिए क्लिक करें
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राँची प्रार्थना भवन, झारखंड: पिछले वर्ष, हमने इस प्रार्थना सभा के माध्यम से 37,500 लोगों तक अपनी सेवाएँ पहुँचाईं और इस वर्ष हमारा लक्ष्य 50,000 लोगों तक सेवाएँ पहुँचाना है। हम राँची प्रार्थना सभा की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभागार कक्ष, परामर्श कक्ष, ऑडियो-विजुअल कक्ष, सार्वजनिक सभाओं के लिए उपयोगी कक्षों का नवीनीकरण कर रहे हैं और साथ ही टेलीफोन पर प्रार्थना करने वाले मध्यस्थों के लिए अतिरिक्त सीटें भी जोड़ रहे हैं। इस कार्य पर 3 करोड़ रूपये की लागत आ रही है।
कारूण्या विश्वविद्यालय - शिक्षा, नयापन और करूणा के माध्यम से जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालना। 🎓
- कारूण्या विश्वविद्यालय को एनएएसी ए++ मान्यता, एनबीए, आईसीएआर, एसीसीए (यूके) अनुमोदन और क्यूएस आई-गेज प्लैटिनम, क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग एवं टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) वर्ल्ड रैंकिंग 2025 के माध्यम से वैश्विक मान्यता प्राप्त है।
- शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 1,092 योग्य छात्रों को करोड़ों रूपये की छात्रवृत्तियां दी गईं। इनमें वंचित छात्रों एवं संकट से प्रभावित छात्रों, जिनमें मणिपुर के छात्र भी शामिल हैं, के लिए 100% शिक्षण शुल्क माफी शामिल है।
- कारूण्या विश्वविद्यालय ने पापुआ न्यू गिनी के 25 छात्रों का स्वागत किया एवं 85 से अधिक देशों में सेमेस्टर विदेश कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप के माध्यम से वैश्विक विश्वविद्यालयों और उद्योगों के साथ नए सहयोग स्थापित किए।
- कारूण्या विश्वविद्यालय में अगले वर्ष 2026-2027 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए कई करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति की घोषणा की गई है, जिसमें पूर्ण शिक्षण शुल्क माफी एवं कई अन्य योग्यता छात्रवृत्तियां शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए देखें: https://admissions.karunya.edu
सीशा - जीवन एवं आजीविका का पुनर्निर्माण ❤️
- भारत के कई हिस्सों में 30,000 से अधिक वंचित बच्चों ने स्कूल किट एवं नए कपड़े प्राप्त करने की खुशी का अनुभव किया।
- इस वर्ष, कडरू (राँची), कोट्टायम (केरल), मणिपुर, तिरुवल्लुर, विक्रवंडी (विलुप्पुरम) एवं व्यासरपदी में छह नए सीशा शिक्षण केंद्र लॉन्च किए गए, जिससे पूरे भारत में कुल संख्या 63 हो गई।
- वंचित महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सीशा ने रोइंग एवं इटानगर (अरूणाचल प्रदेश) में नए सिलाई केंद्र शुरू किए और चेन्नई के तांबरम एवं पैरिस में मुफ्त सिलाई केंद्र का उद्घाटन किया।
इस वर्ष हमारा उद्देश्य प्रत्येक राज्य में 1000 प्रार्थना मध्यस्थों को तैयार करना है ताकि वे लोगों के लिए प्रार्थना करें, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नए राजदूतों, युवा अगुवों एवं प्रार्थना सहभागियों को तैयार करें, जिसका लक्ष्य यीशु बुलाता है सेवकाई के माध्यम से 25 करोड़ लोगों के आँसू पोंछना एवं शीशा के माध्यम से वंचितों को करूणापूर्ण देखभाल प्रदान करना है।
आइए, इस वर्ष मिलकर 25 करोड़ आत्माओं की सेवा करें और उनके जीवन में आशा और चमत्कार लाएं। हम आपसे प्रार्थना करने और इन सभी उद्देश्यों में सहयोग करने का अनुरोध करते हैं https://www.jesuscalls.org

परमेश्वर के राज्य के निर्माण में हाथ मिलाएँ
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