मेरे प्रिय मित्र, मैं आपसे इस बारे में बात करने जा रहा हूँ कि आप अपने घर को कैसे मजबूती से खड़ा रख सकते हैं। हम अपने जीवन को कैसे मजबूती दे सकते हैं? इसका एकमात्र तरीका भजन संहिता 127:1 में हमें मिलता है,
"यदि घर को यहोवा न बनाये, तो उसके बनानेवालों का परिश्रम व्यर्थ होगा।"
हाँ। परमेश्वर ही हर चीज का बनाने वाला है (इब्रानियों 3:4)। इस महीने, परमेश्वर यह वादा करते हैं कि आपके जीवन में जो कुछ भी टूटा-फूटा, बिखरा हुआ या नष्ट हो गया है—उसे वे फिर से बनाएँगे।
1. जब परमेश्वर कोई घर बनाते हैं, तो वह उसे एक ‘शांतिपूर्ण घर’ के रूप में बनाते है : जब हम धार्मिकता से जीवन जीते हैं और परमेश्वर की इच्छा के अनुसार जीवन व्यतीत करते हैं, तो इससे हमारे जीवन में शांति, समृद्धि, सुरक्षा एवं वृद्धि आती है। वह हमारे लिए सब कुछ संभालेंगे एवं हमें विश्राम व शांतिपूर्ण जीवन प्राप्त होगा। (यशायाह 32:18, भजन संहिता 147:14 और प्रेरितों के काम 9:31)
2. परमेश्वर हमें एक घर देते हैं, जो उसके ‘उद्धार' से भरा हुआ है: यदि परिवार में एक व्यक्ति उद्धार पा लेता है और यीशु का अनुसरण करता है, तो दूसरा व्यक्ति भी पवित्र आत्मा के प्रभाव से परमेश्वर की संतान के रूप में रूपांतरित हो जाता है। जब पति-पत्नी अपने भीतर विश्वास बनाए रखते हैं, तो उनके बच्चे ईश्वरीय और उद्धार पाए हुए बड़े होते हैं और जो लोग भटक गए हैं वे परमेश्वर की ओर लौट आते हैं। (प्रेरितों 16:31, 1 कुरिन्थियों 7:14, मलाकी 2:14 और यिर्मयाह 3:22)
3. परमेश्वर हमारे परिवार, हमारे घर को एक ‘सेवकाई करने वाला परिवार’ के रूप में स्थापित करेंगे : जब हम परमेश्वर की सेवा करते हैं, लोगों के साथ उनका प्रेम साझा करते हैं और उनके लिए अपना घर खोलते हैं, तो हम परमेश्वर के प्रतीक होंगे, और परमेश्वर हमारे परिवार में पुनरुत्थान के साथ हमें सम्मानित करेंगे।
मार्था, मरियम एवं लाजर ने लोगों के लिए अपना घर खोल दिया ताकि वे यीशु की बातें सुन सकें। फिर यीशु ने लाजर को मुर्दों में से जिलाया और इस चमत्कारिक घटना के कारण बहुत से लोगों ने यीशु पर विश्वास किया। (लूका 10:38-42 और यूहन्ना 11:38-43)
4. आपका घर एक ‘मजबूत रूप से स्थापित घर’ बन जाएगा: जब हम परमेश्वर के वचन के अनुसार अपना घर व जीवन स्थापित करते हैं और परमेश्वर के बताए मार्ग पर चलते हैं, तो हमारा घर बाढ़, बारिश या तेज हवाओं में भी सदा स्थिर रहेगा। परिवार में एकता और बंधन मजबूत होगा, जिससे हम परिवार के अन्य सदस्यों के लिए आशीष का स्रोत बनेंगे। (यशायाह 8:18, 1 कुरिन्थियों 10:4 और इफिसियों 2:20, 5:22, 23 और 31)
5. आपका घर एक ‘आशीषित घर’ होगा: जब हम दान देते हैं, तो हमारा घर आशीषित और मजबूत होता है। सर्वप्रथम परमेश्वर के कार्य के लिए, फिर परमेश्वर के सेवकों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए, फिर हमारे रिश्तेदारों और गरीबों के लिए। (भजन संहिता 115:12, मत्ती 6:33, लूका 6:38, मलाकी 3:10, भजन संहिता 16:2,3, 1 तीमुथियुस 5:8 और यशायाह 58:7 और 8)
अपना हृदय परमेश्वर के लिए खोलें। आज अपने जीवन में यीशु को स्थापित होने दें।
परिवार आशीष योजना में शामिल हों एवं परमेश्वर से जुड़ें। प्रार्थना केंद्र में प्रतिदिन आपके लिए प्रार्थना शुरू हो। हम प्रार्थना में आपका साथ देना चाहते हैं। परमेश्वर आपके घर पर ये सभी आशीषें लाए और आपके परिवार को मजबूत बनाए। https://bit.ly/jc_fbp पर क्लिक करके अभी पंजीकरण करें।
इस महीने से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो रही है, परमेश्वर आपको समृद्ध करे और आपके जीवन में हर चीज में उन्नति प्रदान करे।
हे मेरे प्रेममय स्वर्गीय पिता, अपने बच्चे के जीवन का निर्माण कीजिए, उनके स्वास्थ्य, उनके रोजगार, उनके घर और उनके रिश्तों को मजबूत कीजिए। उनको अपने वचन के द्वारा इन सब का निर्माण करने की कृपा दीजिए और उनको इन सभी आशीषों का आनंद लेने के लिए विश्राम प्रदान कीजिए। आपके शक्तिशाली नाम में मैं प्रार्थना करता हूँ, आमीन।
डॉ पॉल दिनाकरन
सीओओ के डेस्क से:
मार्च में प्रभाव – आपके माध्यम से
पिछले महीने, हमने पवित्र आत्मा की अद्भुत गतिविधि देखी और परमेश्वर की उपस्थिति की लहरें लोगों पर छा गईं - चंगाई, पुनर्स्थापन, पाप और व्यसनों के बंधन टूटना; असंख्य लोगों ने यीशु के प्रेम के प्रति अपना हृदय समर्पित कर दिया। दिनाकरन परिवार ने पिछले महीने कई स्थानों पर सेवा की। उन्होंने तमिलनाडु के अरुमनई में यीशु बुलाता है पास्टर्स आशीष सभा में सेवा की और बेंगलुरु के फ्रेजर टाउन प्रे प्रार्थना भवन में पूरे दिन यीशु बुलाता है के सहभागियों के लिए प्रार्थना की।
पिछले महीने पवित्र आत्मा ने डॉ. पॉल दिनाकरन से कहा था, 'परमेश्वर संतों और धर्मी लोगों के लिए न्याय करता है', और हमने महाराष्ट्र के सांगली में आयोजित प्रार्थना सभा में इस दिव्य प्रतिज्ञा की पूर्ति देखी। सभा को रोकने के लिए मुंबई उच्च न्यायालय में शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन परमेश्वर ने हमारी ओर से शक्ति प्रदान की। हमें उच्च न्यायालय से एक उल्लेखनीय निर्णय प्राप्त हुआ, जिसने पुलिस द्वारा जारी अनुमति रद्द करने के नोटिस को निरस्त कर दिया और प्रार्थना सभा को दूसरे और तीसरे दिन भी जारी रखने की अनुमति दी, जहाँ लगभग 50,000 लोग प्रतिदिन व्यक्तिगत रूप से एकत्रित हुए और लाखों लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसे देखा। दिनाकरन परिवार ने भी वहाँ उपस्थित पादरियों के बीच सेवा की, जिन्हें परमेश्वर का नया अभिषेक एवं स्पर्श प्राप्त हुआ और उन्होंने वहाँ मौजूद सहभागियों के साथ प्रार्थना भी की। हमने इन सभी सभाओं में शक्तिशाली गवाहियाँ भी देखीं जिससे यीशु की महिमा हुई। दिनाकरन परिवार के साथ खड़े रहने के लिए धन्यवाद। हम परिवार और सेवकाई के लिए आपकी निरंतर प्रार्थनाओं को महत्व देते हैं। पिछले महीने हमारी सेवकाई में आपके उदार योगदान का प्रभाव यहाँ प्रस्तुत है।
- हमने टेलीफोन प्रार्थना कॉल के माध्यम से 3.7 लाख लोगों की सेवा की।
- डायल ए प्रेयर के माध्यम से 12,720 लोगों की सेवा की गई।
- पत्रों और ईमेल के माध्यम से 59,860 लोगों की सेवा की गई।
- हमारे प्रार्थना केंद्रों पर 1.38 लाख लोगों के लिए व्यक्तिगत प्रार्थनाएं की गईं।
- सोशल मीडिया के माध्यम से हमने आशा और परमेश्वर के प्रेम के संदेश से लोगों के जीवन को प्रभावित किया, जिसे लगभग 2.5 करोड़ बार देखा गया।
- प्रार्थना केंद्र के माध्यम से 3290 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 1.03 लाख लोगों को लाभ पहुँचाया गया।
अप्रैल में की जाने वाली सेवकाई
डायनामिक किड्स कैंप: इस अप्रैल/मई में, हम भारत भर में स्थित सभी यीशु बुलाता है प्रार्थना भवनों में 6 से 12 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों के लिए 6 दिवसीय डायनामिक किड्स कैंप का आयोजन करने जा रहे हैं। प्रवेश निःशुल्क है। इस वर्ष हमें 20,000 बच्चों के भाग लेने की उम्मीद है। इसलिए, अपने बच्चों को भेजें और इस कार्यक्रम में सहभागी बनें। आप एक बच्चे (300 रूपये) या दो बच्चों (600 रूपये) या प्रभु की प्रेरणा से जितने चाहें उतने बच्चों को प्रायोजित कर सकते हैं।
आप चाहें तो बच्चों को पढ़ाने या उनका मार्गदर्शन करने के लिए अपना समय स्वेच्छा से दे सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए [email protected] पर संपर्क करें।
घाटकोपर प्रार्थना भवन: यह मुंबई शहर के लोगों के लिए आशा, चंगाई और परिवर्तन का केंद्र है। अब तक, इस प्रार्थना भवन के माध्यम से 30 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इस वर्ष, हम प्रार्थना कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य सैकड़ों निष्ठावान प्रार्थना मध्यस्थों को प्रशिक्षित और सशक्त बनाकर अपने प्रयासों को मजबूत करते हुए मसीह के प्रेम से 12 लाख लोगों के जीवन को परिवर्तित करना है।
प्रार्थना भवन के संचालन का वार्षिक खर्च 60 लाख रुपये है और आपकी प्रार्थना से मिलने वाला दान इस सेवा कार्य को जारी रखने और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक होगा। इस उद्देश्य के लिए प्रार्थना करें, प्रायोजक बनकर इसमें सहभागी बनें और वहां सेवा करने या लोगों की देखभाल करने के लिए अपना समय स्वयंसेवा के रूप में दें।
कारूण्या विश्वविद्यालय
विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भविष्य के अगुवों का निर्माण करना ताकि वे मानवता की सेवा कर सकें।
- कारूण्या के हमारे कृषि छात्रों में से एक को जर्मनी की एक शीर्ष कंपनी से 31 लाख रूपये प्रति वर्ष की इंटर्नशिप का प्रस्ताव मिला है।
- तीसरे वर्ष के बायोटेक्नोलॉजी के छात्र को जापान के ओसाका विश्वविद्यालय में इंटर्नशिप प्राप्त हुई है। कारूण्या के तीन छात्र पोलैंड के लॉड्ज प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अपना सेमेस्टर विदेश कार्यक्रम भी कर रहे हैं और स्वचालन और रोबोटिक्स पर उन्नत पाठ्यक्रम प्राप्त कर रहे हैं।
- कारूण्या ने राष्ट्रीय स्तर पर 24 घंटे का हैकाथॉन, 'ऑरेलियन 2026' आयोजित किया, जिसमें 168 टीमों को उद्योग के लिए तैयार समाधानों को डिजाइन और विकसित करने में सक्षम बनाया गया।
- कारूण्या विश्वविद्यालय में वर्ष 2026-2027 के लिए प्रवेश शुरू हो गए हैं। कई करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति की घोषणा की गई है, जिसमें पूर्ण शिक्षण शुल्क माफी और कई अन्य योग्यता छात्रवृत्तियां शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए देखें: http://admissions.karunya.edu
सीशा
करूणापूर्ण देखभाल के माध्यम से आशा को पुनर्स्थापित करना और जीवन का पुनर्निर्माण करना
- भारत भर में शीशा प्रोजेक्ट के विभिन्न केंद्रों पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया, जिसमें 540 से अधिक स्थानीय समुदाय की महिलाओं ने भाग लिया। कई महिलाओं ने गर्वपूर्वक अपने कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के समापन प्रमाण पत्र प्राप्त किए और सशक्त महसूस किया।
- कोयंबटूर में स्थित सीशा लर्निंग सेंटर के 200 बच्चों को नए कपड़े मिले और वानागरम के 60 स्कूली छात्रों को करियर मार्गदर्शन और स्कूल किट प्राप्त हुए।
- इसके अलावा, सीशा ने अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रम के तहत पूरे भारत में 44 लक्षित परियोजना गांवों में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (पीआरए) अभ्यास शुरू किया।
इस उद्देश्य के लिए प्रार्थना करें और यीशु की जरूरत वाले लोगों की मदद करने के लिए अपना समर्थन दें। आइए, हम उनके राज्य के लिए आत्माओं को इकट्ठा करें और संसार के सामने उनकी महिमा को प्रकट करें।

परमेश्वर के राज्य के निर्माण में हाथ मिलाएँ
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