परमेश्वर आपको समृद्ध करेंगे एवं आपके जीवन का निर्माण करेंगे।
मेरे प्रिय मित्रों, जब मैंने इस महीने आपके लिए प्रार्थना की, तो परमेश्वर ने मेरे हृदय में यह प्रतिज्ञा वचन डाली है:
"प्रसन्न होकर सिय्योन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना। " (भजन संहिता 51:18)
हमारे परमेश्वर न केवल अपने बच्चों को समृद्ध करते हैं, बल्कि उनके जीवन के हर टूटे हुए हिस्से को पुनःस्थापित करते हैं। क्या आप जानते हैं कि सिय्योन किसका प्रतीक है? यह परमेश्वर का निवास स्थान है। आज, यीशु मसीह के द्वारा, आपका हृदय उनका सिय्योन बन गया है। (1 यूहन्ना 4:4 और 3 यूहन्ना 2)। आइए उन छह सुंदर तरीकों पर नजर डालें जिनसे परमेश्वर आपके जीवन को समृद्ध करना चाहते हैं।
1. वह आपको धार्मिकता में समृद्ध करेंगे: परमेश्वर हमेशा हमारी आत्माओं को बहाल करके हमारे जीवन में अपना काम शुरू करते हैं। जब हमारा जीवन धार्मिकता पर आधारित होता है, तो कोई भी बुराई हमारे खिलाफ सफल नहीं हो सकती। परमेश्वर स्वयं हमें सम्मान देंगे, हमारी रक्षा करेंगे एवं हमें स्थापित करेंगे। (भजन संहिता 23:3) 'इससे पहले कि परमेश्वर यूसुफ के जीवन के बाहरी पहलुओं को फिर से बनाते, उन्होंने सबसे पहले उसकी आत्मा को बहाल किया और उसे धार्मिकता के मार्ग पर चलाया। परमेश्वर ने उसे भीतर से पूरी तरह बदल दिया।'
2. वह आपकी प्रशंसा में आपको समृद्ध करेंगे: परमेश्वर किसी मनुष्य को, जो सबसे बड़ी अशिष दे सकते हैं, उनमें से एक है ऐसा हृदय जो हर परिस्तिथि में परमेश्वर की महिमा करे। परमेश्वर हमें तब भी उनका धन्यवाद करने के लिए कहते हैं, जब हमें अभी तक अपनी प्रार्थनाओं का उत्तर नहीं प्राप्त हुआ रहता है। जब हमारा हृदय उनकी महिमा से भर जाता है, तो हमारी दृष्टि हमारी समस्या से हटकर उस परमेश्वर पर टिक जाती हैं जो हर समस्या से बड़े हैं। (भजन संहिता 63:3 एवं भजन संहिता 103:1)
3. वह आपको अपनी अद्भुत रचना के रूप में समृद्ध करेंगे: जब हम यह समझते हैं कि परमेश्वर ने हमारे हृदयों में अपना सिंहासन स्थापित किया है, तो हम खुद को अलग नजरिए से देखने लगते हैं। अपनी कमजोरियों पर ध्यान देने के बजाय, हम उस महान परमेश्वर की महानता को देखने लगते हैं जो हमारे भीतर वास करते हैं। परमेश्वर हमारे लिए अद्भुत कार्य करेंगे एवं हमारे द्वारा भी अद्भुत कार्य करेंगे। (भजन संहिता 139:14)
4. वह आपको बुद्धि और ज्ञान में समृद्ध करेंगे: यह समझदारी सिर्फ इंसानी बुद्धि या शिक्षा नहीं है। यह परमेश्वर को व्यक्तिगत रूप से जानने से आती है। जैसे-जैसे हमारी आत्मा परमेश्वर की समझदारी और ज्ञान में बढ़ती है, वे हमारे सामने हर अच्छा रास्ता खोलेंगे एवं हमें ऊंचाइयों तक ले जाएंगे (नीतिवचन 2:5 और 9)।
5. वह अपनी भलाई एवं बहुतायत से आपको समृद्ध करेंगे: अगर हम थका हुआ एवं निराश महसूस करें, तो आइए एलिय्याह को स्मरण करें। जब वह थका हुआ और निढाल महसूस कर रहा था, तब परमेश्वर ने उसे नई ताजगी व हिम्मत दी और उसकी जरूरतों को पूरा किया। परमेश्वर हमारी थकी हुई आत्मा को ताजगी देंगे, हमारे कमजोर हृदय को मजबूत करेंगे एवं हमारे जीवन को अपनी भरपूर भलाई एवं आशीषों से भर देंगे। (यिर्मयाह 31:14 और 25)
6. वह आपको अपना प्रेम बांटने में सफल बनाएंगे: जब हम यीशु को अपने हृदय को बदलने देते हैं, तो वे हमें अपनी कोमलता, नम्रता, दया एवं उदारता से भर देते हैं। हम लोगों को उनकी दृष्टि से देखने एवं उनसे उनके जैसा प्यार करने लगते हैं। (मत्ती 11:29) मेरे प्रिय मित्रों, हमारे जीवन पर उनका हाथ है, एवं भजन संहिता 51:18 में किए गए उनकी प्रतिज्ञा के अनुसार, वे हमें समृद्ध करेंगे एवं हमारे जीवन के हर पहलू को अपनी उत्तम इच्छा एवं भली मंशा के अनुसार बनाएंगे।
मेरे प्रिय स्वर्गीय पिता, अपने बच्चों को भीतर एवं बाहर से समृद्ध करें। उनके जीवन के हर टूटे हुए हिस्से को संवारें, उनके हृदयों से हर दुख दूर करें, उनको अपनी बुद्धि एवं ज्ञान से भर दें, एवं अपनी उत्तम इच्छा व भलाई के अनुसार उनको आशीष दें। यीशु के नाम में, आमीन।
बहुत प्रेम व प्रार्थनाओं सहित,
आपका प्रिय भाई,
डॉ. पॉल दिनाकरन
मुख्य परिचालन अधिकारी की मेज से:
जून में हुई सेवकाई के प्रभाव – आपके माध्यम से
पिछले महीने, भाई सैमुएल दिनाकरन ने चेन्नई में 'यीशु बुलाता है' 'पेरिस' एवं 'वानागरम' में में आयोजित 'रविवारीय आशीष सभा' में सेवकाई की, एवं हमारे संस्थापक डॉ. पॉल दिनाकरन ने चेन्नई में 'भाई डी.जी.एस. दिनाकरन प्रार्थना भवन' में आयोजित रविवारीय आशीष सभा में सेवकाई की। पवित्र आत्मा से भरने, चंगाई, परिवार की बहाली, आध्यात्मिक वरदानों एवं ईश्वरीय सफलता के लिए जब अलग-अलग प्रार्थनाएँ की गईं, तो परमेश्वर ने अद्भुत काम किया। हजारों लोगों ने परिवारों के साथ इन सभाओं में शामिल हुए एवं उनको बहुत आशीषें मिली। डॉ. पॉल दिनाकरन एवं भाई सैमुएल दिनाकरन की अगुवाई में 22 जून को 'यीशु बुलाता है,
'पैरिस' में *प्रार्थना एवं भविष्यवाणी सशक्तिकरण (PPE) पाठ्यक्रम* का 5वाँ बैच शुरू हुआ। कुल 180 विद्यार्थीयों ने इसमें अपना नामांकन करवाया है, जिनमें से 115 लोग व्यक्तिगत रूप से एवं 65 लोग ऑनलाइन शामिल हुए हैं।
इसके अलावा, आपकी प्रेमपूर्ण प्रार्थनाओं एवं उदार सहयोग की वजह से हम पिछले महीने 3 करोड़ 37 लाख प्रार्थना-निवेदनों पर सेवकाई कर पाए एवं टूटे हुए हृदयों तक परमेश्वर की सांत्वना एवं चंगाई पहुँचा पाए।
- 1.7 लाख लोगों ने व्यक्तिगत प्रार्थना के लिए हमारे प्रार्थना भवनों का दौरा किया।
- हमारी 24x7 प्रेयर हेल्पलाइन के जरिए हमने 3.9 लाख कॉल करने वालों की सेवा की।
- डायल-अ-प्रेयर सर्विस के जरिए, 4,830 लोगों को प्रार्थना एवं आध्यात्मिक सहारा मिला।
- लगभग 60,000 पत्रों एवं ईमेल के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रार्थना की।
- हमारे प्रार्थना मध्यस्थों ने 1,47,200 सहभागियों के लिए उनके जन्मदिन पर एवं 43,560 'परिवार आशीष योजना' सहभागियों के लिए उनके विवाह वर्षगांठ के अवसर पर प्रार्थनाएं की।
- 1 लाख लोगों ने 'यीशु बुलाता है' के वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप के जरिए परमेश्वर के प्रेम एवं प्रोत्साहन का अनुभव किया।
- हमारे सोशल मीडिया मंच ने 3.25 करोड़ से ज्यादा दर्शकों तक विश्वास, सांत्वना एवं उम्मीद के संदेश पहुँचाए।
- 'यीशु पुकारते है' पत्रिका ने लगभग 3 लाख पाठकों को मजबूती प्रदान की।
कारूण्या विश्वविद्यालय
(मसीह-केंद्रित शिक्षा के माध्यम से जीवन को बदलना)
- कारूण्या के संकाय ने सुलभ पुनर्वास तकनीकों को बेहतर बनाने के लिए कम लागत वाली और उच्च कार्यक्षमता वाली तकनीक विकसित करने के मकसद से आईहब, आईआईटी मंडी से 31.46 लाख रूपये की शोध की स्वीकृति हासिल की है।
- कारूण्या ने मिलकर शोध करने, इंडस्ट्री से जुड़ी लर्निंग, इंटर्नशिप एवं करियर के मौकों को आगे बढ़ाने के लिए बायोजेन एवं प्राडो के साथ रणनीतिक साझेदारी की है।
- कारूण्या के दस छात्रों को प्रतिष्ठित हैकविथइन्फी 2027 प्रोग्राम के जरिए इन्फोसिस से प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं, जिनमें 11 एल.पी.ए. तक का पैकेज शामिल है।
सीशा
(खुशियाँ फैलाना एवं बेहतर भविष्य बनाना)
- सीशा ने 2026 के लिए अपना सालाना 'स्कूल किट वितरण कार्यक्रम' शुरू किया। लॉन्च के दिन चेन्नई के आस-पास के वंचित परिवारों के 700 छात्रों को स्कूल किट बांटी गईं।
- 2026 के एस.एस.एल.सी. (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) के नतीजों में सीशा के छात्रों को शानदार सफलता मिली; सभी छात्र पास हुए और ज्यादातर ने 400 से ज्यादा अंक हासिल किए। टॉपर्स को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
- दक्षिण एवं उत्तर भारत में आयोजित समर कैंप के जरिए सीशा लर्निंग सेंटर्स एवं स्थानीय समुदायों के 677 बच्चों को लाभ पहुँचाया गया। जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुँचाने के लिए चेन्नई में ‘सी एंड स्माइल’ निःशुल्क नेत्र मेडिकल कैंप लगाया गया।
जुलाई महीने में की जाने वाली सेवा-कार्य
घाटकोपर प्रार्थना भवन: यह मुंबई शहर के लोगों के लिए आशा, चंगाई एवं परिवर्तन का केंद्र है। इस साल, हमारा मकसद है कि हम सैकड़ों निष्ठावान प्रार्थना मध्यस्थों को प्रशिक्षण देकर एवं उनको तैयार करके अपनी पहुँच को बढ़ाएँ एवं मसीह के प्रेम से 1,20,000 लोगों तक पहुँचें। प्रार्थना भवन को चलाने का सालाना खर्च 60 लाख रूपये है एवं आपकी प्रार्थना-भरी मदद इस सेवकाई को जारी रखने में मदद करेगी, जिससे अनगिनत लोगों को परमेश्वर की शांति, खुशी और चंगाई मिलेगी। सहयोग करने के लिए क्लिक करें Click to support
टेलीफोन प्रार्थना भवन: हर महीने, 5,00,000 से अधिक लोग यीशु बुलाता है टेलीफोन प्रार्थना भवन' के जरिए 7 भारतीय भाषाओं में प्रार्थना एवं आशा पाते हैं। हम अपनी सेवकाई का दायरा बढ़ा रहे हैं और इसमें बंगाली, भोजपुरी एवं गुजराती भाषाओं को भी शामिल कर रहे हैं, ताकि पूरे भारत में और भी अधिक लोगों तक पहुँच सकें। एक नए सिस्टम के जरिए, कॉल करने वालों को उनकी जरूरतों के हिसाब से खास प्रार्थनाएँ एवं बाइबल की प्रतिज्ञा वचन भी मिलेंगे, जिनसे उनका विश्वास मजबूत होगा। प्रायोजित करने के लिए क्लिक करें Click to sponsor.
विशेष आशीष सभाएँ:
- 5 जुलाई – अन्नानगर प्रार्थना भवन की 12वीं सालगिरह पर आशीष सभा – भाई सैमुएल दिनाकरन सेवकाई करेंगे।
- 11 जुलाई – बैतहसदा आशीष सभा, कोयंबटूर – डॉ. पॉल दिनाकरन एवं परिवार सेवकाई करेंगे। अगर आप इनमें से किसी भी इलाके या उसके आस-पास रहते हैं, तो हम आपको इन सभाओं में शामिल होने के लिए हृदय से आमंत्रित करते हैं।
परमेश्वर के राज्य के लिए हमारा सबसे बड़ा काम अभी बाकी है। इन सभी उद्देश्यों के लिए प्रार्थना करें एवं www.jesuscalls.org पर इनका समर्थन करके इनका हिस्सा बनें।

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